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रातà¤à¤° जागने वाले लोगों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है इन 10 बीमारियों का खतरा, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें बचाव के टिपà¥à¤¸
अगर आपको à¤à¥€ रात à¤à¤° जागने की आदत है आपको रात à¤à¤° जागने के नà¥à¤•सानों के बारे में जानना चाहिà¤à¥¤ ताकि कहीं आप à¤à¥€ इन बीमारियों के शिकार ना हो जाà¤à¥¤
नींद हमारे मानसिक और शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ दोनों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। नींद सिरà¥à¤« शरीर की थकान को ही कम नहीं करती बलà¥à¤•ि शरीर के कई अंगों को हेलà¥à¤¦à¥€ तरीके से काम करने में मदद à¤à¥€ करती है। जैसे कि à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ नींद दिमाग के साथ शरीर के संवाद को बेहतर बनाती है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को तेज करती है और डाइजेशन को बेहतर बनाती है। ये इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नींद सोचने और सीखने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। नींद की कमी कई संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती है। सबसे पहले, यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, सतरà¥à¤•ता, à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾, तरà¥à¤• और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के समाधान करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को कम करती है। फिर आपके दिल, पेट, आंत और किडनी के फंकà¥à¤¶à¤¨ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने लगती है। इस तरह ये शरीर को पूरी तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। पर जो लोग लगातार हर रात जागते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› बीमारियों का खतरा (Side effects of staying up all night in hindi) जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। ये हम नहीं बलà¥à¤•ि नारायण हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² लखनऊ में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ जनरल फिजिशियन (à¤à¤®à¤¡à¥€, मेडिसिन) डॉ. अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ का कहना है। डॉ. अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ बताते हैं कि à¤à¤²à¥‡ ही आप काम या डà¥à¤¯à¥‚टी की वजह से रात में जग रहे हों या फिर आपको रात में नींद ना आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो, किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रात à¤à¤° जागना आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को नà¥à¤•सान ही पहà¥à¤‚चाती हैं।
रातà¤à¤° जागने का शरीर पर कैसा होता है असर?
डॉ. अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ बताते हैं कि रातà¤à¤° जागने से सोने के शेडà¥à¤¯à¥‚ल और सरà¥à¤•ैडियन रिदम पर नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। à¤à¤• रात बिना सोठरहने के बाद, आप दिन में जागते के दौरान मानसिक और शारीरिक, दोनों तरीके के परेशान रहते हैं। तो, अगर आप इसे दिन में ठीक करने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोते हैं , तो इससे अगली रात तक सोना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। इस तरह ये शरीर के पूरे सिसà¥à¤Ÿà¤® को बिगाड़ कर रख देती है। इसके अलावा आप कà¥à¤› बीमारियों के शिकार à¤à¥€ हो सकते हैं। जैसे कि
रातà¤à¤° जागने से हो सकती हैं आपको ये 10 बीमारियां
1. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
रातà¤à¤° जागने से सबसे पहले आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। आप जितना कम सोà¤à¤‚गे, आपका रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª उतना ही अधिक हो सकता है। जो लोग छह घंटे या उससे कम सोते हैं उनका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° तेजी से बढ़ता है। अगर आपको पहले से ही हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° है, तो अचà¥à¤›à¥€ नींद न लेने से आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और खराब हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि नींद आपके शरीर को तनाव और चयापचय को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करती है। समय के साथ, नींद की कमी से हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव हो सकता है, जिससे उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और हृदय रोग के अनà¥à¤¯ जोखिम कारक हो सकते हैं। à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद के साथ नींद की कमी को पूरा करने की कोशिश न करें। बहà¥à¤¤ अधिक नींद, कम नींद की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कà¥à¤› हद तक, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र और वजन बढ़ने का कारण बन सकती है, जो आपके हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठखराब हैं।à¤à¤¸à¥‡ में अपने सà¥à¤²à¥€à¤ª साइकिल को ठीक करें।
2. दिल की धड़कनों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियां
लंबे समय तक नींद की कमी दिल की गति को बढ़ा देती है। इससे रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª में वृदà¥à¤§à¤¿ और दिल में सूजन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियां होती है जो आपके दिल पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव डाल सकती है। नॉन-आरईà¤à¤® नींद के दौरान, आपकी हृदय गति, शà¥à¤µà¤¾à¤¸ और रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª सà¤à¥€ उस सà¥à¤¤à¤° से नीचे गिर जाते हैं जो आपके जागने के दौरान होता है। REM नींद की वह अवसà¥à¤¥à¤¾ है जब आप अपने अधिकांश सपने देखते हैं। यह आपके कà¥à¤² सोने के समय का केवल 20% है। इस चरण के दौरान आपका रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और हृदय गति ऊपर और नीचे जा सकती है। फिर पूरी रात जागना और नींद की कमी, हृदय गति को बढ़ाने का काम करती है। शोध में यह à¤à¥€ पाया गया है कि नींद न आने की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोगों को अनियमित दिल की धड़कन की शिकायत होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। इन कारणों से, नींद की कमी दिल की धड़कन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हो सकती है।
3. डायबिटीज
कम नींद बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बढ़ाने का काम करती है। यहां तक कि à¤à¤• रात की नींद की कमी से इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाती है, जो बदले में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ा सकता है। नतीजतन, नींद की कमी डायबिटीज का कारण बनती है।नींद की कमी के कारण आपके खाने के बाद आपके शरीर में कम इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ निकलता है जबकि आपका शरीर अधिक तनाव वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जो आपको जागते रहने में मदद करता है, लेकिन इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ अपना काम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से नहीं कर सकता है। जिससे बहà¥à¤¤ अधिक गà¥à¤²à¥‚कोज रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में रहता है, जिससे आपको टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होने का खतरा बढ़ जाता है।
4. हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा
नींद की कमी से हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा बढ़ जाता है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में, पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रात छह घंटे से कम सोने वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 20% अधिक थी। जबकि NREM सà¥à¤²à¥€à¤ª सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ दिल को धीमा और ठीक होने में मदद करता है। REM सà¥à¤²à¥€à¤ª में बढ़ा हà¥à¤† तनाव और गतिविधि शामिल होती है। अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद इन चरणों के संतà¥à¤²à¤¨ को बिगाड़ सकती है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही नींद ना आने के कारण हमेशा बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बढ़ा रहता है जिससे हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा और बढ़ जाता है।
5. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• तब होता है जब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बंद हो जाता है, जिससे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कोशिकाà¤à¤‚ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी से मर जाती हैं। नींद की कमी को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ के साथ जोड़ा गया है। नींद की कमी से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ता है, और हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के लिठपà¥à¤°à¤®à¥à¤– जोखिम कारक माना जाता है। इसके अलावा, ये धमनियों में पà¥à¤²à¤¾à¤• बिलà¥à¤¡à¤…प करके सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने के खतरे को और बढ़ाती है।
6. वजन बढ़ना और मोटापा
नींद की कमी का संबंध मोटापे से à¤à¥€ है। जो लोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रात सात घंटे से कम सोते हैं उनमें बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ (बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ) अधिक होने या मोटे होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। नींद à¤à¥‚ख को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने करती है और कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग को बढ़ाती है। साथ ही हाई कैलोरी वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की इचà¥à¤›à¤¾ को बढ़ावा देती है। à¤à¤¸à¥‡ में आप तनाव में आकर खाते हैं जिससे तेजी से वजन बढ़ता है और आप मोटापे के शिकार हो जाते हैं।
7. किडनी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियां
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी वाले लोगों के लिà¤, खराब नींद बीमारी को और बढ़ाने का काम करती है। साथ ही कम नींद, कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• किडनी रोग को बढ़ावा देती है। इसके अलावा ये पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ अंसà¥à¤²à¤¿à¤¤ करता है जिससे किडनी के फंकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाता है। इस वजह से शरीर वेसà¥à¤Ÿ को सही से बाहन नहीं निकाल पाता है, जिससे कबà¥à¤œ और अपच जैसी कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शरीर को होती हैं।
8. नरà¥à¤µ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियां
नींद की कमी आपके दिमाग को थका देती है, इसलिठशरीर रोज के कामों को à¤à¥€ सही से नहीं कर पाता है। साथ ही आपको धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने या नई चीजें सीखने में और à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है। आपके शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¥‡ जाने वाले संकेतों में à¤à¥€ देरी हो सकती है, आपके समनà¥à¤µà¤¯ में कमी आ सकती है और दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं का खतरा बढ़ सकता है।
9. डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
नींद की बीमारी होने से अवसाद नहीं होता है, लेकिन नींद की कमी इसमें à¤à¤• बड़ी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। किसी अनà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की तरह नींद संबंधी विकार या वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण नींद की कमी अवसाद को बदतर बना सकती है। साथ ही लंबे समय तक ना सो पाने के कारण à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ डल और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¡ महसूस करने लगता है।
10. मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ और à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€
आप शायद पहले से जानते हैं कि नींद मूड को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। रात की नींद अगर आप अचà¥à¤›à¥€ ना लें तो, आप अधिक चिड़चिड़े और तनाव के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अति संवेदनशील हो सकते हैं। à¤à¤• बार जब आप अचà¥à¤›à¥€ नींद लेते हैं, तो आपका मूड अचà¥à¤›à¤¾ हो जाता है। साथ ही नींद की कमी आपको तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤, कà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¿à¤¤, उदास और मानसिक रूप से थका हà¥à¤† महसूस किया। जिसकी वजह से आपको à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ महसूस हो सकती है।
बचाव के टिपà¥à¤¸
-कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें।
-रोज à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करें जो कि नींद को बेहतर बनाती है।
-नींद को बढ़ावा देने वाले फूडà¥à¤¸ लें।
-तनाव ना लें और खà¥à¤¶ रहें।
इन सबके अलावा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ ना लें और सà¥à¤¬à¤¹ उठने और रात में सोने का समय तय करें। शरीर और मन को बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान ना रखें और दिमागी तौर पर शांत रहें और खà¥à¤¦ को खà¥à¤¶ रखने की कोशिश करें।
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